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प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 : नाइट हाइक में 8 राज्यों के 485 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को किया प्रतिबिंबित

बालोद. जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 के उद्घाटन दिवस के अवसर पर रात्रिकालीन नाइट हाइक कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम ने जंबूरी में शामिल रोवर-रेंजरों को साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास से भरने का अवसर प्रदान किया. नाइट हाइक कार्यक्रम की संचालक सुरेखा श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रात्रिकालीन हाइक में देश के विभिन्न राज्यों से आए कुल 485 रोवर-रेंजर और सीनियर स्काउट-गाइड्स ने सहभागिता की. इस गतिविधि में प्रतिभागियों ने एक रात्रि का निर्धारित मार्ग तय करते हुए टीम भावना और नेतृत्व कौशल का परिचय दिया. नाइट हाइक के दौरान प्रतिभागियों द्वारा कुकुर मंदिर का भी भ्रमण किया गया. इस भ्रमण के माध्यम से रोवर-रेंजरों को क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं प्राकृतिक वातावरण को नजदीक से जानने का अवसर मिला, जिससे उनके अनुभव में और अधिक समृद्धि आई. इस नाइट हाइक कार्यक्रम में झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के रोवर-रेंजर और सीनियर स्काउट-गाइड्स ने भाग लिया. विभिन्न राज्यों के युवाओं की सहभागिता ने ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित किया. नाइट हाइक कार्यक्रम का शुभारंभ एम.एम. जोशी (विंग कमांडर, सेवानिवृत्त), राजकुमार कौशिक (पूर्व निदेशक, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स) और मधुसूदन (एडिशनल इंटरनेशनल कमिश्नर, स्काउट) द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया. अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से गतिविधि संपन्न करने के लिए शुभकामनाएँ दीं. नाइट हाइक जैसी गतिविधियां रोवर-रेंजरों में साहस, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और आपसी सहयोग को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने, मार्गदर्शन और सामूहिक उत्तरदायित्व का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ. प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 के अंतर्गत आयोजित यह नाइट हाइक कार्यक्रम युवाओं में सेवा, साहस और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई. यह गतिविधि जंबूरी के मूल उद्देश्यों—युवा सशक्तिकरण, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व—को प्रभावी रूप से दर्शाती है.

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