दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने पॉक्सो और एस्ट्रोसिटी के मामले में एक आरोपी खेल शिक्षक (Sports Teacher) को दोषी करार देते हुए अर्थदंड सहित 12 साल की सजा सुनाई है। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायधीश शैलेश शर्मा ने इस गंभीर अपराध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चों के लिए विद्यालय में शिक्षक ही माता-पिता तुल्य होते हैं। इनसे श्रेष्ठ आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसी स्थिति में यदि अध्यापक ही छात्र-छात्राओं का शोषण करे तो उस स्थिति में छात्र-छात्राएं कहां जाएं और स्वयं को कहां सुरक्षित महसूस करेंगी।जानकारी के मुताबिक, पॉक्सो और एस्ट्रोसिटी के इस मामले में दोषी पाए गए खेल शिक्षक का नाम अजय सिंह है। बीते सितंबर महीने में आदिम जाति कल्याण थाना और दंतेवाड़ा कोतवाली थाना में पीड़िता द्वारा दर्ज शिकायत के मुताबिक, अजय सिंह ने उसे खेल का फॉर्म लाने के बहाने अपने गीदम स्थित निवास पर बुलाया और फिर उसके साथ पहले तो छेड़खानी की और फिर दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
स्पोर्ट्स टीचर ने छात्रा को घर बुलाकर की छेड़छाड़, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई अर्थदंड सहित 12 साल की सजा