महासमुन्द। जमीनों के कार्यों को जल्दी और पारदर्शिता के साथ हो, जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर ना काटने पड़े, इसके लिए सरकार ने सभी के रजिस्ट्री ऑनलाइन करने का निर्णय लिया. इसके लिए अधिकारियों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के लिए निर्देशित भी किया गया. लेकिन इस बीच महासमुंद के पिथौरा से बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां 459 शासकीय और निजी जमीनें एक बिहार से आकर फुटपाथ पर फल बेंचने वाले साधारण दंपत्ती के नाम पर चढ़ा दी गईं हैं. जानकारी के मुताबिक, बिहार से छत्तीसगढ़ आए आरती देवी गुप्ता और उनके पति मुकेश गुप्ता पिथौरा के ठेले पर फल बेंचते हैं और परिवार इसी से उनका परिवार चलता है. लेकिन 28 जनवरी 2024 को इनका जीवन अचानक चर्चा में आ गया, जब पता चला कि पिथौरा के करीब 459 अलग-अलग खसरा के बी1 रिकॉर्ड में करोड़ों की सरकारी व निजी जमीन आरती देवी गुप्ता के नाम दर्ज हो गई है.
प्रशासनिक लापरवाही से बिहारी दंपती के नाम चढ़ीं 459 शासकीय और निजी जमीनें, असली मालिक लगा रहे सरकारी दफ्तरों के चक्कर