रायपुर। आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर देश में सियासत गरमाई हुई है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से पूछे गए सवाल के बाद अब कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने भी कहा कि केंद्र सरकार को सारी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी चाहिए. कांग्रेस सहित देश के सभी दलों ने आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार समर्थन किया है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद जो कार्रवाई सेना के माध्यम से हुई वह गौरवपूर्ण है. देश की जनता हर मोर्चे पर जाकर लड़ने के लिए तैयार खड़ी थी. सेना के साथ पूरा देश एकजुट था. लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि अमेरिका की ओर से यह जानकारी पहले दी जाती है कि सीजफायर हो गया है ? सवाल यही है कि भारत और पाक के बीच अमेरिका की भूमिका क्या रही है ? क्या ट्रंप ने कोई मध्यस्थता की है ? क्या वाकई व्यापार का डर दोनों देशों को दिखाया गया ? आखिर हुआ क्या-क्या इसका जवाब तो देना ही चाहिए. इसीलिए तो हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं. विशेष सत्र आहूत कर सरकार को आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए. पाकिस्तान आगे सीजफायर का उल्लंघन नहीं करेगा, पाक से आतंकी हमले नहीं होंगे, आतंकवाद को मदद पाक से नहीं मिलेगा ? इन सारे सवालों का जवाब स्पष्ट रूप से मिलना चाहिए. क्योंकि पाकिस्तान की हरकतों को लेकर संदेह हमेशा बना रहेगा. देश इस उम्मीद में है कि आगे किसी भी तरह कोई आंतकी हमला नहीं होगा यह भरोसा सरकार सीधे तौर पर दिलाना चाहिए. पायलट ने यह तमाम बातें रायपुर में दिवंगत दिनेश मिरानिया के परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा में कही.
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका की भूमिका पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए