रायगढ़। एक तरफ पूरे देश में हिंदू-मुस्लिम को लेकर विवाद की खबरें आती रहती हैं, तो कभी मंदिर-मस्जिद का विवाद भी सामने आता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में एक ऐसे पीर बाबा हैं जिन्हें आज़ादी के बाद से आज तक हिंदू समाज भी मानता है। जन्माष्टमी के दूसरे दिन यहां हजारों की संख्या में लोग अपने परिवार के साथ आकर चादर चढ़ाते हुए मन्नतें मांगते हैं। कहा यह भी जाता है कि पीर बाबा का यह स्थल देश का दूसरा ऐसा स्थान है, जहां साल में एक बार हिंदू पूजा-अर्चना के साथ-साथ चादर भी चढ़ाते हैं। वहीं इसकी देखरेख और मन्नतें मुस्लिम वर्ग भी मानता है। अनेकता में एकता का ऐसा उदाहरण शायद ही कहीं और देखने को मिले। रायगढ़ जिला मुख्यालय में स्थित पीर बाबा यानी गोगा मंदिर की इस जगह में क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग, क्या महिला और युवा सभी पूरे सम्मान के साथ यहां आते हैं। इनके हाथ में बाकायदा पूजा-अर्चना के सामानों के साथ-साथ एक चादर भी होती है, जो मजार में चढ़ाई जाती है। उसी तर्ज पर हिंदू समाज के लोग पीर बाबा के इस स्थान में चादर चढ़ाते हैं। इतना ही नहीं, चादर चढ़ाने के बाद बाकायदा मोरपंख से सिर पर रखकर आशीर्वाद भी दिया जाता है। केवल इसी दिन जाहरवीर गोगा जी गोगा मेड़ी की इस जगह में सुबह से ही आने का सिलसिला शुरू हो जाता है और शाम-रात तक यहां मन्नतों का दौर जारी रहता है।
अनेकता में एकता की मिसाल : पीर बाबा के दरबार में हिंदू-मुस्लिम दोनों की आस्था