रायपुर। शासकीय कर्मचारियों के साथ लोन फ्रॉड का खुलासा लल्लूराम डॉट कॉम ने किया था. स्पश एडवाइजर्स और आरवी ग्रुप नामक कंपनियों ने शासकीय कर्मचारियों को लोन की 50 प्रतिशत राशि देकर पूरा लोन कंपनी द्वारा चुकाए जाने का प्रलोभन दिया था. आशंका जताई जा रही है कि 1 साल के भीतर दोनों कंपनियों ने मिलकर लगभग 300 करोड़ का लोन फ्रॉड किया है. इस मामले में रायपुर की कोतवाली थाना पुलिस ने 4 अप्रैल 2025 को 2 महिलाओं समेत 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया. सभी आरोपी जेल में बंद हैं, लेकिन डेढ़ महीने की जांच में पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है, कि जमा रकम कहां गई. अब इस घोटाले में SIT जांच की जरूरत महसूस होने लगी है. शिकायत SSP रायपुर के पास पहुंची और उनके निर्देश पर कोतवाली थाने में FIR दर्ज करके 2 महिलाओं विभा वर्मा, पूजा यादव समेत मुख्य आरोपी अभय कुमार गुप्ता उर्फ अभयकांत मुंशी, सुरेन्द्र सिंह करियाम, मनोज कुमार भगत, राकिब हुसैन उर्फ वासु समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन डेढ़ महीने में जांच की स्थिति को देखते हुए जमा रकम की बरामदगी और जब्ती के साथ ठोस कार्रवाई के लिए अब राज्य स्तर पर SIT के गठन की जरूरत महसूस की जा रही है. ताकि बैंक समेत अन्य विभागों की भूमिका की जांच करके फर्जीवाड़े में और शामिल लोगों की जिम्मेदारी भी तय की जा सके. जेल में बंद आरोपियों को अभी जमानत नहीं मिली है, लेकिन पीड़ितों को राहत नहीं मिल रही है. पुलिस अब तक रकम का पता नहीं लगा सकी है और मामला लटका हुआ है. वहीं दूसरी तरफ पीड़ितों को उन बैंकों से लोन किस्त का भुगतान करने लगातार नोटिस जारी किया जा रहा है, जहां से उन्हें लोन राशि प्रदान की गई है. जबकि हाईकोर्ट ने पीड़ितों को राहत के निर्देश दिए हैं. इसकी शिकायत पीड़ितों ने आरबीआई से की है.
सरकारी कर्मचारियों से लगभग 300 करोड़ का लोन फ्रॉड, डेढ़ महीने की जांच में रकम का नहीं चला पता, बैंकों पर सांठ-गांठ का आरोप